Year Ender 2021: The international news of 2021 that caught everyone’s attention। Year Ender 2021: 2021 की वो अंतरराष्ट्रीय खबरें जिन्होंने अपनी ओर खींचा सभी का ध्यान

0
3

2021 की वो...- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV
2021 की वो अंतरराष्ट्रीय खबरें जिन्होंने अपनी ओर खींचा सभी का ध्यान

Highlights

  • अगस्त महीने की शुरुआत से गूगल पर अफगानिस्तान सबसे गर्म मुद्दा बना रहा
  • 021 की साल की शुरुआत में ही अमेरिका का यूएस कैपिटल सुर्खियों में आया था
  • ‘ब्लैक फंगस’ साल 2021 का सबसे चर्चित विषय बना रहा

नई दिल्ली: साल 2021 को खत्म होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। यह साल भी कोरोना के साए में गुजरा, लेकिन कोरोना से हटकर भी देश में कई बड़ी घटनाएं हुईं जो इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गईं हैं और लोग इन घटनाओं को हमेशा याद करेंगे। पीछे मुड़कर देखें तो इस साल कई ऐसे मुद्दे रहे जो पूरे साल खूब चर्चा में रहे, जिनपर लोगों की नजरें बनी रहीं।

साल 2021 में कुछ अच्छा हुआ तो कुछ बहुत बुरा। कुछ शख्सियत तो कुछ विवादों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खीचा। तो चलिए हम आपको बताते हैं 2021 के ऐसे मुद्दे जिनको हर किसी ने पढ़ने में ली दिलचस्पी।

खूब पढ़ा गया अफगानिस्तान समाचार –

खूब पढ़ा गया अफगानिस्तान समाचार 

Image Source : PTI

खूब पढ़ा गया अफगानिस्तान समाचार 


अगस्त महीने की शुरुआत से गूगल पर अफगानिस्तान सबसे गर्म मुद्दा बना हुआ है। 15 अगस्त को तालिबान द्वारा देश पर कब्जा करने के बाद से लोग इसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। गूगल ट्रेंड्स पर किसी भी समय की तुलना में वर्तमान में अफगानिस्तान सबसे अधिक खोजा जाने वाला टॉपिक बन गया है। अमेरिका सेना की वापसी के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। उसके बाद अफगानिस्तान में जो पलायन का दौर शुरू हुआ था, वो आज भी थम नहीं रहा है। दुनिया के सभी देशों के लोगों ने इसके बारे में ज्यादा से जनाने में खूब दिलचस्पी दिखाई है। तालिबान अपनी सत्ता पर दुनिया से मंजूरी की मुहर लगवाना चाहता है, लेकिन ऐसा अभी तक हो नहीं पाया है।

जब यूएस कैपिटल में धुस गए थे डोनाल्‍ड ट्रंप के समर्थक-

जब यूएस कैपिटल में धुस गए थे डोनाल्‍ड ट्रंप के समर्थक

Image Source : AP

जब यूएस कैपिटल में धुस गए थे डोनाल्‍ड ट्रंप के समर्थक

2021 की साल की शुरुआत में ही अमेरिका का यूएस कैपिटल सुर्खियों में आ गया था। अमेरिका में निर्वतमान राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के समर्थकों ने कैपिटल बिल्डिंग में घुसकर फसाद किया था, जिसमें एक महिला की जान चली गई थी, जबकि कई अन्‍य जख्‍मी हो गए थे। ट्रंप समर्थक उस वक्‍त कैपिटल बिल्डिंग में घुस गए, जब वहां कांग्रेस के दोनों सदनों में चर्चा चल रही थी और जो बाइडन की चुनावी जीत की औपचारिक तौर पर पुष्टि की जानी थी। अमेरिका के बीते 300 वर्षों के इतिहास में यह पहली हुआ था, जब चुनाव में हारने वाले किसी राष्‍ट्रपति ने अपनी हार मानने से इनकार कर दिया था और उनके समर्थकों ने हिंसक होकर यूएस कैपिटल को घेर लिया था। यह खबर पूरे विष्व में आग की तरह फैल गई ती और लोगों ने इसे खूब पढ़ा था।

कोविड वैक्सीन के लिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन-

कोविड वैक्सीन के लिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन

Image Source : AP

कोविड वैक्सीन के लिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन

देश-दुनिया पिछले काफी समय से कोरोना महामारी की मार से जूझ रहा है। इस साल कोरोना वायरस को लेकर लोगों में खूब सतर्कता दिखाई दी। लोगों ने खुद को इससे सुरक्षित रखने में खूब दिलचस्पी दिखाई। इस साल लोगों ने ‘हाउ टू रजिस्टर फॉर कोविड वैक्सीन’ के लिए सबसे ज्यादा सर्च किया है और यह साल 2021 की लिस्ट में सबसे टॉप पर है। यह सर्च 26 फरवरी से 5 मार्च और 25 अप्रैल से 1 मई के बीच हफ्तों में सबसे ज्यादा किया गया।

Dogecoin की तरफ दिखा झुकाव-

Dogecoin की तरफ दिखा झुकाव

Image Source : PTI

Dogecoin की तरफ दिखा झुकाव

क्रिप्टो करेंसी के बारे में आपने काफी सुना होगा। भारत में इसका भविष्य फिलहाल कुछ कंफर्म नहीं है मगर अन्य देशों जैसे कि अमेरिका में यह काफी चलन में है। एक रिसर्च के मुताबिक, अमेरिका में Dogecoin गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च की गई क्रिप्टोकरेंसी में से एक है। गूगल ट्रेंड डाटा के विश्लेषण से साफ होता है कि Dogecoin में इन्वेस्ट करने वाले सबसे ज्यादा थे, जिसमें इलिनोइस, फ्लोरिडा, हवाई और न्यू जर्सी समेत 23 राज्यों शामिल हैं। Dogecoin को लेकर लोगों की रुचि Bitcoin और Ether से ज्यादा है। 

कोरोना से ज्यादा खोजा गया ब्लैक फंगस-

कोरोना से ज्यादा खोजा गया ब्लैक फंगस

Image Source : INDIA TV

कोरोना से ज्यादा खोजा गया ब्लैक फंगस

‘ब्लैक फंगस’ साल 2021 का सबसे चर्चित विषय बना रहा । लोगों ने ब्लैक फंगस के बारे में खोजा। ब्लैक फंगस को मेडिकल भाषा में Mucormycosis कहा जाता है, जो कि एक दुर्लभ, लेकिन गंभीर इंफेक्शन है। जून माह में ब्लैक फंगस के मामले तेजी से बढ़ने लगे थे, जिससे लोगों में इसे लेकर खौफ पैदा हो गया था। इस दौरान लोगों ने इसे लेकर गूगल से जानकारी उपलब्ध की। इस अवधि में रोगियों में ‘ब्लैक फंगस’ के मामले भी देखे गए थे, जिससे संक्रामक रोग के बारे में चिंता काफी बढ़ गई थी। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, ब्लैक फंगस एक फंगल इन्फेक्शन है जो म्यूकोर्मिसेट्स नामक मोल्ड्स के एक ग्रुप के कारण होता है और उन लोगों को प्रभावित करता है जिन्हें स्वास्थ्य समस्याएं हैं या जो अधिक दवाएं लेते हैं या फिर जिनके शरीर की रोगाणुओं और बीमारी से लड़ने की क्षमता को कम होती हैं।

जब केन्या में पड़ा सूखा-

जब केन्या में पड़ा सूखा

Image Source : AP

जब केन्या में पड़ा सूखा

2021 केन्या के लिए बहुत ही दुर्लभ साबित हुआ। यहां सूखे की खबर ने पूरे विश्व को सदमे में डाल दिया। केन्या में सूखे की स्थिति इतनी गंभीर है कि सैकड़ों की संख्या में जंगली जानवर मर रहे हैं, वहीं किसानों का कहना है कि उन्होंने अपने 70% पशुओं को खो दिया है। इन हालातों को देखते हुए केन्या सरकार ने अपने 47 देशों में से 10 में सूखे को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया। ‘अल जजीरा’ की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश उत्तरी केन्या में सिंतबर के बाद से सामान्य वर्षा से 30 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई है, जिससे इस क्षेत्र में भयंकर सूखा पड़ा है। बरसात की कमी ने इलाके में भोजन और पानी की कमी को बढ़ा दिया है, जिससे वन्यजीवों के साथ-साथ किसानों और उनके पशुओं का भी जीवन संकट में आ गया है।

इस्राइल और फिलिस्तीन विवाद-

इस्राइल और फिलिस्तीन विवाद

Image Source : PTI

इस्राइल और फिलिस्तीन विवाद

इस्राइल और फिलिस्तीन दो ऐसे देश हैं, जिनका विवाद काफी लंबे समय से चला आ रहा है। दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने और मतभेद को खत्म करने के लिए कई बार समझौते हुए पर निष्कर्ष कुछ खास नहीं निकला। इजरायल और फिलिस्तीन के बीच गाजा पट्टी एक ऐसी जगह बनी हुई जो कि कई सालो से संर्घषरत है। गाजा पट्टी पर इजरायल और फिलिस्तीन दोनो अपना अधिकार जमाने की कोशिश करते आए हैं। यह एक ऐसा विवाद है जिसपर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहती हैं। काफी समय से इनके बीच मतभेद बना हुआ है। 2021 में भी इस पूरे विवाद ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया।

कमला हैरिस को मिला खूब प्यार-

कमला हैरिस को मिला खूब प्यार

Image Source : PTI

कमला हैरिस को मिला खूब प्यार

उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस अमेरिका की ऐसी पहली महिला बनीं, जिन्हें थोड़े समय के लिए राष्ट्रपति की शक्तियां दी गईं। 57 वर्षीय हैरिस को 85 मिनट के लिए राष्ट्रपति की शक्तियां दी गई थीं। दरअसल, ये शक्तियां राष्ट्रपति जो बाइडन के रेगुलर हेल्थ चेकअप कराने के दौरान उन्हें ही गईं थीं। अमेरिका की पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली दक्षिण एशियाई उपराष्ट्रपति हैरिस ने राष्ट्रपति पद धारण करके इतिहास के पन्नों में अपना नाम सुनहरे शब्दों में अंकित कर लिया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें न सिर्फ अमेरिका में बल्कि पूरे विश्व में खूब प्यार मिला और लोगों ने उनके बारे में खूब जानकारी जुटाई।

मलाला यूसुफजई ने खींचा ध्यान-

मलाला यूसुफजई ने खींचा ध्यान

Image Source : SOCIA MEDIA

मलाला यूसुफजई ने खींचा ध्यान

2021 में मलाला यूसुफजई को लोगों ने खूब सर्च किया। लोगों ने उनके विषय में खूब जानकारी जुटाई। मलाला ने वोग मैगजीन को दिए एक इंटरव्यू में कहा था मुझे अभी भी समझ में नहीं आया कि लोगों को शादी क्यों करनी है। अगर आप अपने जीवन में एक व्यक्ति को चाहते हैं, तो आपको शादी के कागजात पर हस्ताक्षर करने की क्या जरूरत है, यह सिर्फ एक साझेदारी क्यों नहीं हो सकती। जिसके बाद वो खूब ट्रोल हुईं थीं। मलाला युसुफ़ज़ई को 2014 में 17 साल की उम्र में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 2012 में लड़कियों के लिए शिक्षा के मूल अधिकार की वकालत करने पर उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में तालिबानी चरमपंथियों ने उनके सिर में गोली मार दी गई थी। हालांकि अपनी बहादुरी दिखाकर उन्होंने जिंदगी की जंग को जीत लिया। मलाला ने हाल ही अफगानिस्तान में तालिबानियों की क्रूरता के खिलाफ भी आवाज उठाई। 2021 में इनकी शादी चर्चा का विषय बनी। लोगों ने इनके निकाह में खूब दिलचस्पी ली।

पेगासिस मुद्दा रहा चर्चा में-

पेगासिस मुद्दा रहा चर्चा में

Image Source : SOCIAL MEDIA

पेगासिस मुद्दा रहा चर्चा में

दुनियाभर में पेगासस मुद्दा खूब चर्चा में रहा। इसमें करीब 300 भारतीय पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिये जासूसी के संभावित निशाने पर थे। इसराइल की सर्विलांस कंपनी एनएसओ ग्रुप के सॉफ्टवेयर पेगासस का इस्तेमाल कर कई पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नेताओं, मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के फ़ोन की जासूसी करने का दावा किया गया था। इस खबर के आते ही लोगों ने इसके बारे जानकारी जुचानी कि आखिर पेगासिस है क्या? कौन इसे संचालित करता है ऐसे कई तरह के सवाल लोगों ने खोजे। पेगासस एक जासूसी सॉफ्टवेयर का नाम है। जासूसी सॉफ्टवेयर होने की वजह से इसे स्पाईवेयर भी कहा जाता है। इसे इजरायली सॉफ्टवेयर कंपनी NSO Group ने बनाया है। इसके जरिए ग्लोबली 50,000 से ज्यादा फोन को टारगेट किया जा चुका है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here