सावधान! दिल्ली-मुंबई में तेजी से कोरोना फैलने के संकेत, ‘आर-वैल्यू’ 2 से अधिक । Delhi-Mumbai, ‘R-value’ more than 2 Signs of the rapid spread of corona

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सावधान! दिल्ली-मुंबई में तेजी से कोरोना फैलने के संकेत, ‘आर-वैल्यू’ 2 से अधिक- India TV Hindi
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सावधान! दिल्ली-मुंबई में तेजी से कोरोना फैलने के संकेत, ‘आर-वैल्यू’ 2 से अधिक

Highlights

  • ‘आर-वैल्यू’ दिल्ली और मुंबई में 2 के आंकड़े को पार कर गई है
  • एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना के नियंत्रण में रहने के लिए आर वैल्यू का 1 से कम रहना जरूरी है
  • ‘आर-वैल्यू’ यह दर्शाती है कि एक संक्रमित व्यक्ति औसतन कितने लोगों को संक्रमित करता है

नई दिल्ली/मुंबई: कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच वायरस के प्रसार की गति को दर्शाने वाली ‘आर-वैल्यू’ दिल्ली और मुंबई में 2 के आंकड़े को पार कर गई है। गणितीय विज्ञान संस्थान, चेन्नई के अनुसंधानकर्ताओं के डेटा अध्ययन के अनुसार, चेन्नई, पुणे, बेंगलुरु और कोलकाता में ‘आर-वैल्यू’ (वायरस से जुड़ी प्रजनन संख्या) एक से अधिक है। देश में ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron variant)  के खतरे के बीच कोरोना वायरस (Coronavirus) की आर-वैल्यू  (R-value) में इजाफा होने से चिंता बढ़ गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना के नियंत्रण में रहने के लिए आर वैल्यू का 1 से कम रहना जरूरी है, अगर आर-वैल्यू 1 से ज्यादा ज्यादा होती है तो इसे संक्रमण के तेजी से फैलने का संकेत माना जाता है।

अध्ययन टीम का नेतृत्व करने वाले सीताभ्र सिन्हा ने कहा कि 23-29 दिसंबर के बीच दिल्ली में आर-वैल्यू 2.54 थी, जबकि मुंबई में यह 23-28 दिसंबर के बीच 2.01 थी। इन दोनों शहरों में कोविड-19 के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है। पुणे और बेंगलुरु में ‘आर-वैल्यू’ 1.11 तथा कोलकाता और चेन्नई में ‘आर-वैल्यू’ क्रमशः 1.13 और 1.26 दर्ज की गई। 

सिन्हा ने कहा, “अक्टूबर के मध्य से, इन सभी शहरों की आर-वैल्यू एक से अधिक हो गई थी। जो नया है, वह अचानक हुई वृद्धि है। तथ्य यह है कि दिल्ली और मुंबई में आर-वैल्यू दो के आंकड़े को पार कर गई है, जो काफी आश्चर्यजनक है।” दिल्ली में बुधवार को 923 नए मामलों के साथ संक्रमण के मामलों में भारी वृद्धि दर्ज की गई, जो 30 मई के बाद सर्वाधिक और एक दिन पहले के आंकड़े से 86 प्रतिशत अधिक है। 

इसी तरह, मुंबई में बुधवार को महामारी के 2,510 नए मामले दर्ज किए, जो आठ मई, 2021 के बाद सर्वाधिक हैं। ‘आर-वैल्यू’ यह दर्शाती है कि एक संक्रमित व्यक्ति औसतन कितने लोगों को संक्रमित करता है। दूसरे शब्दों में कहें तो इससे यह पता चलता है कि वायरस कितनी तेजी से फैल रहा है। इस क्रम में एक से कम ‘आर-वैल्यू’ दर्शाती है कि रोग के मामलों में गिरावट आ रही है। इसके विपरीत, यदि ‘आर-वैल्यू’ एक से अधिक है, तो इसका मतलब है कि प्रत्येक दौर में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है और तकनीकी रूप से यह ‘महामारी चरण’ बन जाता है। 

उदाहरण से जानिए क्या होती है आर- वैल्यू?

आर- वैल्यू का मतलब रीप्रोडक्शन वैल्यू होता है। इससे पता चलता है कि कोरोना से संक्रमित एक व्यक्ति आगे चलकर कितने लोगों में संक्रमण फैला सकता है। अगर आर- वैल्यू 1 से ज्यादा है तो इसका मतलब उस क्षेत्र में कोरोना संक्रमण में इजाफा होने लगा है। अगर यह वैल्यू 1 से कम है तो केसेज घट रहे हैं। उदाहरण के तौर पर अगर 100 लोग संक्रमित हैं और उनसे अन्य 100 लोगों में वायरस फैल रहा है तो आर-वैल्यू 1 होगी। अगर यह लोग ज्यादा को संक्रमित कर रहें है तो यह वैल्यू बढ़ती जाएगी। आर वैल्यू का बढ़ना इस बात की ओर इशारा करता है कि एक संक्रमित व्यक्ति एक से ज्यादा लोगों तक वायरस फैला रहा है। ऐसा होने से संक्रमण धीरे-धीरे बढ़ने लगता है और एक बड़ी आबादी इसकी चपेट में आ जाती है।

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